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Monday, 25 January 2016

एयरलिफ्ट फिल्म समीक्षा

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  02:31
गणतंत्र दिवस के मौके पर अक्षय कुमार एक धमाकेदार देशभक्ति से भरपूर फिल्म लेकर आये है| अक्षय को बॉलीवुड का आल राउंडर कहा जाता है जो एक्शन, ड्रामा, इमोशनल, कॉमेडी सभी तरह की फ़िल्में करने में सक्षम है| बॉलीवुड फ़िल्में मनोरंजन का साधन होती है, जिसे देखकर लोग बहुत कुछ सीखते भी है| सच्ची घटनाएँ पर आधारित फ़िल्में पसंद तो की जाती है लेकिन इन्हें बनाने का जोखिम बहुत कम लोग उठाते है| इस तरह की फिल्मों में सच्चाई के साथ साथ कल्पनाओं का हाथ भी थामे रखना पड़ता है जिससे किसी की मानवीय भावनाओं को ठेस ना पहुंचें| एयरलिफ्ट 1990 के दशक की ईरान-कुवैत की लड़ाई पर आधारित है| राजा कृष्ण मेनन ने एयरलिफ्ट जैसी साहसिक फिल्म बनाने का जोखिम उठाया है| 
एयरलिफ्ट फिल्म से संबंधित अन्य जानकारी (Airlift Movie Cast Detail)–
कलाकारअक्षय कुमार, निमृत कौर, फ़रीना वजीर
निर्मातानिखिल अडवानी, भूषण कुमार
निर्देशकराजा कृष्ण मेनन
लेखकराजा कृष्ण मेनन, सुरेश नायर, रितेश शाह
संगीतअमाल मलिक, अंकित तिवारी
रिलीज़ डेट22 जनवरी 2016
एयरलिफ्ट फिल्म निर्देशक समीक्षा –
डायरेक्टर – राजा कृष्ण मेनन
लेखक निर्देशक राजा कृष्ण मेनन तमिल की फिल्मों से आये है, इन्होंने पहली बार किसी बड़े स्टार के साथ बॉलीवुड में काम किया है| मेनन ने फिल्म में अपने दर्शकों को बांधे रखा है| सच्चाई को काल्पनिक रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे वो वास्तविक नजर आ रही है| फिल्म की एडिटिंग से लेकर सिनेमाटोग्राफी तक में बेहतरीन काम हुआ है| मेनन हमें पूरी तरह से 90 के दशक में ले जाते हैं,  जहाँ TV पर न्यूज़ में सचिन तेंदुलकर का भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने वाली बात है, साथ ही अक्षय का पहनावा भी 90 की याद दिलाता है| मेनन की फिल्म में बस  एक कमी है, फिल्म में एक भी ऐसा सीन नहीं है, जिसे देखकर रोना आ जाये या दर्शक दांतों तले उगलियाँ चबा जाएँ| इतना संवेदनशील विषय होने के बावजूद निर्देशक ये जादू नहीं चला पाए है|
एयरलिफ्ट फिल्म कहानी की समीक्षा –
फिल्म की कहानी के मुख्य किरदार रंजीत कत्याल (अक्षय कुमार) है, जो कुवैत के एक बहुत बड़े व्यवसाई है| इतना बड़ा व्यवसायी होने के बावजूद जब सदाम हुसैन कुवैत में आक्रमण करता है, तो उसका रंजीत पर बहुत असर पड़ता है| 1990 में जब ईराक पर सद्दाम हुसैन का राज था, उस समय इराक कर्ज में डूबा हुआ था, अमेरिका से इसने बहुत पैसा लिया हुआ था, जिसे वो लौटने में असक्षम था| अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सद्दाम ने एक तरीका निकाला| उस समय इराक की आय का एक मात्र साधन तेल था| सद्दाम ने तेल कंपनियों से तेल उत्पादन कम करने को कहा, जिससे इसकी कमी हो जाये और पैसा अधिक मिले| जब उसकी बात नहीं मानी, तब उसने अपनी सेना कुवैत में भेज दी, सेना ने कुवैत को तहस नहस कर दिया| बहुत से लोग मारे गए और वहां बहुत लूट मार हुई| उस समय कुवैत में 1 लाख 70 हजार भारतीय निवासी भी थे, इस घटना के बाद वे रास्ते पर आ गए, जिनके पास कोई ठिकाना नहीं था| ऐसी स्थिति में भारत अपने लोगों को अकेले नहीं छोड़ना चाहता था तब उस समय के विदेश मंत्री ने कुवैत से भारतियों लोगों को वापस भारत लाने की योजना बनाई| मात्र 59 दिन में 490 उडान भरकर सभी भारतीयों को सही सलामत बचा लिया गया था, इस घटना को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया था|

अक्षय ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है, जो अपने परिवार से ज्यादा दूसरों को बचाने की कोशिश करता है| निमृत अक्षय की पत्नी की भूमिका में है, जिसकी एक बेटी भी होती है| वैसे शुरू में फिल्म में अक्षय को सेल्फिश बताया है, लेकिन इस घटना के बाद वो पूरी तरह से बदल जाता है, लोगों को मरते परेशान देख वो उन्हें बचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है| उसकी पत्नी उसके इस फैसले से सहमत नहीं होती है और चौकं भी जाती है| रंजीत भारत में अपने परिचितों की मदद से इस काम को अंजाम दे पाता है|
फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि ये हमें इतनी बड़ी सच्ची घटना के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में हम भारतीयों में बहुत कम लोग ही जानते है| फिल्म में कहानी के बाद दमदार एक्टिंग की बात की जाये, तो फिल्म के सभी किरदारों ने बखूबी काम किया है| हम देखते है कि कैसे रंजीत जैसा दमदार इन्सान भी परिस्तिथि के चलते कमजोर हो जाता है, उस पर अपने परिवार को बचाने की जिम्मेदारी तो होती है, साथ ही दूसरे लोग भी उसे आस भरी नज़रों से देखने लगते है| फिल्म को सीमित बजट में बनाया गया है, लेकिन बॉलीवुड के हिसाब से ये परफेक्ट है| अगर आप इसकी हॉलीवुड से तुलना करोगे, तो गलत होगा क्यूंकि वहां पैसे व साधनों की कमी नहीं होती है| यहाँ निर्देशक ने अपने हिसाब से कम बजट में ही बहुत अच्छा सफलतापूर्वक काम किया है|
एयरलिफ्ट फिल्म कलाकारों की समीक्षा –
अक्षय कुमार ने बेबी के बाद एक बार फिर अपने दर्शकों को खुश कर दिया है| रंजीत के किरदार में वे फिट बैठे है, इस रोल को अक्षय से बेहतर कोई भी एक्टर नहीं कर सकता था| अक्षय बहुत शालीन, कर्मशील इन्सान है, जो अपना हर काम समय पर करते है, चाहें वो सुबह उठकर excercise करना या रात को सोना हो| अक्षय अपने काम से मतलब रखते है और वही उन्हें परफेक्ट बनाता है| इस फिल्म के पहले अक्षय ने स्पेशल 26 में 90 के दशक की कहानी बताई थी, जो लोगों को बहुत पसंद आई थी, इसके बाद बेबी भी काफी पसंद की गई थी|
निमृत कौर का किरदार छोटा था, लेकिन उनसे जितना भी काम बोला गया वो उन्होंने बखूबी किया| निमृत की लंच बॉक्स के बाद ये दूसरी फिल्म है, लेकिन उनकी एक्टिंग को देखकर कोई भी ये बात बोल नहीं सकता, पहली फिल्म में भी निमृत को ढेरों अवार्ड मिले थे|
कुमुद मिश्र ने संजय कोहली का किरदार निभाया है, जो तानाशाह के रूप में फिट है, इनकी एक्टिंग ने भी लोगों को आकर्षित किया है|
पूरब कोहली एक जाना माना नाम है जो TV सीरियल फिल्मों में बहुत समय से सक्रीय है, इन्होंने इब्राहीम का किरदार निभाया है, जो कुवैत में रहता है, इसकी नई- नई शादी हुई होती है, लेकिन उस घटना के बाद उसकी बीवी गुम जाती है| पूरब ने अक्षय के साथ एक सहायक की भूमिका निभाई है|
इमानुलाहक ने इराक के मेजर का किरदार निभाया है, ये बहुत दमदार किरदार है, जिसे उन्होंने बहुत अच्छे ढंग से निभाया है|
एयरलिफ्ट फिल्म संगीत समीक्षा (Airlift Movie Song Review) –
फिल्म में संगीत अमाल मलिक है, फिल्म का संगीत अच्छा है वह सबके द्वारा पसंद किया जा रहा है| फिल्म का एक गाना ‘सोच ना सके’ अमाल व अंकित तिवारी ने गाया है, जो अभी नंबर 1 पर चल रहा है| आजकल सभी की जुबान पर ये रोमेंटिक गाना है, जिसे बहुत ख़ूबसूरती से गाया गया है| फिल्म के बाकि गाने भी अच्छे है| फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी काफी अच्छा है|
एयरलिफ्ट फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस –
एयरलिफ्ट फिल्म एक बार देखने लायक जरुर है आप इसे देखकर भारतीय होने पर गर्व करेंगे| गणतंत्र दिवस की छुट्टी पर ये फिल्म देखना और भी रोमांचित होगा, बच्चे बड़े सभी इसको पसंद करेंगे| फिल्म की कहानी इसका हीरो है साथ ही आपको अक्षय कुमार की पॉवर पैक परफॉरमेंस भी देखने मिलेगी| आप अपने पुरे परिवार के साथ इसे देखने जाएँ और हमें इसके बारे में अपनी राय दें|

Thursday, 14 January 2016

तमाशा फिल्म समीक्षा

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  04:10
तमाशा फिल्म समीक्षा – इम्तियाज अली की फिल्म ‘तमाशा’ आज दर्शकों के सामने आ चुकी है| फिल्म में एक बार फिर दीपिका व रनबीर कपूर ने साथ काम किया है| इस जोड़ी को दर्शक खासा पसंद करते है| एक समय में कपल रह चुके ये दोनों आज अपनी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके है, और अच्छे दोस्त की तरह साथ काम करने में भी नहीं हिचकते| ये जवानी है दीवानी की सफलता के बाद दोनों लगभग ढाई साल बाद साथ में आये है| इस बीच दीपिका की तो बहुत सी फ़िल्में हिट रही और वे आज भी टॉप हेरोइन की list में शामिल है लेकिन रणबीर की लगभग सारी फ़िल्में फ्लॉप रही उनकी लास्ट हिट ये जवानी है दीवानी ही थी| रणबीर के लिए ये बेहद महत्त्वपूर्ण फिल्म है जो बॉलीवुड में उनका आगे भविष्य decide करेगी| इम्तियाज अली ने पहले भी इन दोनों एक्टर के साथ काम किया है और फ़िल्में हिट भी रही है|

तमाशा एक रोमेंटिक फिल्म है जो आज के युवा वर्ग के लिए बनाई गई है| इस तरह की फिल्मों को हमारे देश का युवा वर्ग खासा पसंद करता है|
तमाशा मूवी से संबंधित अन्य जानकारी –

कलाकारदीपिका पादुकोण, रनबीर कपूर,
निर्मातासाजिद नाडियावाला
निर्देशकइम्तियाज अली
लेखकइम्तियाज अली
संगीतए आर रहमान
रिलीज़ डेट27 नवम्बर 2015
तमाशा मूवी निर्देशक समीक्षा –
डायरेक्टर – इम्तियाज अली
इम्तियाज अली बॉलीवुड के बहुत फेमस डायरेक्टर है इनकी फ़िल्में है जब वी मेट, लव आजकल, कॉकटेल, रॉकस्टार व हाईवे| सभी फ़िल्में सुपर हिट रही व इनके कलाकारों को भी बहुत फायदा मिला| जब वी मेट के बाद करीना ने पहली बार सक्सेस का स्वाद चखा, इसी तरह दीपिका को लव आजकल, रनबीर को रॉकस्टार व अलिया को हाईवे में सक्सेस मिली, इम्तियाज की वजह से ही बॉलीवुड में कदम जमा पाए है| इम्तियाज अपनी फिल्मों में हेरोइन को अलग रूप में प्रस्तुत करते है, जो फिल्म में अपनी एक्टिंग को उभार का दिखा पाती है|
इम्तियाज ने फिल्म का प्रेजेंटेशन बहुत अच्छा किया है, लोकेशन भी बहुत अच्छी रही है| लेकिन फिल्म में इम्तियाज ने अपनी ही फिल्म की कॉपी की है| कुछ कुछ जगह हमें लव आजकल के सीन लगे तो कुछ जगह जब वी मेट व रॉकस्टार का मिक्स लगा| कहानी भी नयी नहीं है इन्ही सब फिल्मों का मिक्स है|
तमाशा फिल्म कहानी की समीक्षा –
फिल्म की कहानी शुरू होती है शिमला के रहने वाले वेद से, वेद ड्रीमवर्ल्ड में रहना पसंद करता है, उसे पेड़ के नीचे बैठ बूढ़े आदमी से कहानी सुनना पसंद है, शांति में रहना पसंद है| लेकिन इसके पिता चाहते है वो स्कूल में ध्यान दे जिंदगी में कुछ अच्छा करे| लेकिन वेद अपनी ड्रीम की दुनिया से निकलना ही नहीं चाहता है| कहानी आगे बढती है और वेद कोर्सिका फ़्रांस पहुँच जाता है जहाँ वो तारा (दीपिका) से मिलता है| वेद तारा decide करते है कि वे एक दसरे से सिर्फ झूट बोलेंगे और अपने बारे में कुछ भी नहीं बतायेंगें| वो इस ट्रिप में बहुत घूमते फिरते है और फिर कभी ना मिलने का बोल कर अलग हो जाते है| लेकिन तारा अपनी शर्त भूल जाती है और वेद से प्यार कर बैठती है|
चार साल बीत जाते है तारा अभी भी वेद को भुला नहीं पाती है, वो किसी काम से दिल्ली जाती है, जहाँ अचानक उसकी मुलाकात वेद से हो जाती है| दोनों एक दुसरे को सच्चाई बताते है तब तारा को समझ आता है कि वेद वैसा बिल्कुल नहीं है जैसा वो पहली मुलाकात में था|  इस बीच वेद भी तारा से प्यार करने लगता है लेकिन तारा इस वेद को पसंद नहीं करती और मना कर देती है| इस प्रेम कहानी में आगे क्या होगा इसके लिए आपको फिल्म देखना होगा|
फिल्म में वेद के कई रूप देखने मिलेंगें, डॉन के रूप में वो कॉमेडी करता है, मस्ती करता है| लेकिन उसका दूसरा साइड वेद के रुप में बिल्कुल अलग है| वो बस मशीन की तरह काम करता है| फिल्म का पहला भाग तो दर्शक काफी एन्जॉय करेंगें लेकिन दुसरे भाग में डार्कनेस है, रोना धोना होता है| फिल्म का क्लाइमेक्स पहले से प्रेडिक्ट किया जा सकता है|
तमाशा फिल्म कलाकारों की समीक्षा –
रनबीर ने कहानी के अनुसार बहुत अच्छा काम किया है, डॉन वेद दोनों के बीच में अच्छा अंतर बना के रखा है ये एक अच्छा एक्टर ही कर सकता है|
दीपिका तारा के रूप में परफेक्ट रही है, हंसी मजाक इमोशन सब कुछ कहानी के मांग के अनुसार बखूबी किया है|
तमाशा फिल्म संगीत समीक्षा –
फिल्म में संगीत ए आर रहमान का है जो म्यूजिक के बादशाह है| फिल्म का संगीत बहुत अच्छा  है, सभी गाने काफी पसंद किये जा रहे है| म्यूजिक के अलावा प्लेबैक सिंगर की भी तारीफ करनी चाहिए| लम्बे समय बाद हमें अलका याग्निक की भी आवाज सुनने मिली जो दर्शकों के लिए तोहफा से कम नहीं है| सुखविंदर, मिखा सिंह के गाने भी काफी पसंद किये जा रहे है|
तमाशा फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस
तमाशा अलग फिल्म है लेकिन परफेक्ट नहीं है| फिल्म को एक बार देखा जा सकता है| रनबीर व दीपिका के प्रशंशको को फिल्म जरुर देखना चाहिए, दोनों को साथ में देखकर आप एन्जॉय करेंगे| फिल्म में मुख्य किरदार बस यही है इसके अलावा कोई भी नहीं है| युवाओं को यह फिल्म खासी पसंद आएगी|

आरुषि हेमराज मर्डर केस हत्याकांड की कहानी व तलवार फिल्म समीक्षा

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  00:53
एक बहुत ही साधारण सा जीवन जीने वाली एक लड़की जिसकी उसके ही माता – पिता ने बहुत बेरहमी से हत्या कर दी| इस हत्याकांड में अकेली आरुषि नहीं मारी गई थी , उसके साथ उनका नोकर हेमराज भी मारा गया था|

आरुषि तलवार हेमराज मर्डर केस हत्याकांड की कहानी

Aarushi Talwar Hemraj hatyakand murder case in hindi

भारत में बहु-प्रसिद्ध और भयावर हत्याकांड में से एक था आरुषि-हेमराज हत्याकांड| यह बहुत बड़ा और ददर्नाक हत्याकांड के रूप में अख़बार, टी.वी चेनलों व इंटरनेट के दवारा आम लोगों के सामने आया है| इस केस (case) के सबंध में सभी महत्वपूर्ण तथ्य आगे प्रस्तुत है-
  • पीड़ित व्यक्ति कौन थे?
  • हत्या का रहस्य
  • वारदात की प्रमुख तथ्य
  • निर्णय
पीड़ित व्यक्ति कौन थे?
नोएडा,भारत के सेक्टर नंबर 25 (जलवायु विहार) में रहने वाली महज 14 साल की नाबालिक लड़की, जिसकी बेहरहमी से हत्या कर दी गयी| इसके साथ ही उसी घर में काम कर रहे नौकर हेमराज (45 वर्ष) की भी हत्या कर दी गई| इस तरह से यह दोहरे हत्याकांड के रूप में सामने आया|
आरुषि हत्या का रहस्य (Murder mystery)
15-16 मई,2008 की रात मे एक रहस्यमय हत्याकांड तब हुआ, जब की आरुषि के माता-पिता घर में ही मौजूद थे| आरुषि के पिता ने उसको मारने का आरोप उस घर के नौकर हेमराज पर लगाते हुए, एक एफ.आई.आर (FIR) पुलिस थाने मे दर्ज कराई|
जिसमे सारा शक उस नौकर हेमराज की तरफ था| मीडिया के माध्यम से लोगो के सामने यह खबर तक सामने आयी, इस वारदात में हेमराज के साथ उसके 4 साथी के भी शामिल होने की शंका जताई जा रही थी|
इस वारदात ने मोड़ तब लिया जबकि, हेमराज का शव भी उस बिल्डिंग की छत से बरामत हुआ| लम्बे समय तक बहुत छानबीन चली, जिसके चलते कई अनजाने से रहस्य समय-समय पर सामने आये| कहा जाता है आरुषि की हत्या इतने निर्दयी तरीके से हुई की उसकी आवाज तक किसी को नही आयी|
चर्चित और चलित खबरों के मुताबिक आरुषि के पिता- डॉ.राजेश तलवार और माता- डॉ. नूपुर तलवार को शक था कि, बेटी (आरुषि) और नौकर (हेमराज) के अवैधानिक सम्बन्ध है|
जिसके चलते तलवार दंपति ने आरुषि और हेमराज की गोल्फ-स्टिक, सर्जरी-ब्लेड से हत्या की |
वारदात के प्रमुख तथ्य
  • राजेश तलवार ने वारदात और उसकी सचाई जाने बिना, आवेश मे आकर 16 मई 2008 को, आरुषि और हेमराज की हत्या को अनजाम दे दिया|
  • अगले दिन 17 मई 2008 को हेमराज की death body बिल्डिंग की छत से मिली|
  • जाँच के चलते 23 मई 2008 को डॉ. तलवार की गिरफ़्तारी हुई, और डॉ. तलवार मुख्य आरोपी माने गये|
  • Case की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) ने जाँच शुरू कर FIR दर्ज की|
  • सबूतों के ना होने के कारण 12 जुलाई 2008 को घोषित हुए आरोपी को छोड़ दिया गया|
  • तलवार दंपति व शक के आधार पर आरोपियों पर मुकदमा चला | कई जाँच और सत्यापन भी हुए|
  • लगभग ढाई वर्ष (30 माह) की कार्यवाही के बाद CBI की जाँच में कुछ न मिलने के कारण, CBI ने अपनी खात्मा (क्लोज़र) रिपोर्ट कोर्ट को दी|
  • इस दोहरे हत्याकांड में नोएडा पुलिस की लापरवाही, CBI जांच में सबूतों का ना मिलना, फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को मिटाने की कोशिश की गयी|
  • इस गंभीर अपराध को देखते हुए एक बार पुनः जांच करने की अनुमति ली गयी तथा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने 6 जनवरी 2012 को जांच के पुनः आदेश पारित किये|
  • यह मामला गाजियाबाद की नयी सीबीआई जांच समिति विशेष अदालत के द्वारा चला|
  • पुनः जांच के दौरान कई ऐसे सबूत व गवाह प्रस्तुत हुए जो कि पूरी तरह से सिद्ध कर रहे थे की अपराध हुआ है|इसके विपरित आरोपी के पास ऐसा कोई सबूत न था जिससे वो सिद्ध कर सके की वह निर्दोष है|
  • सभी तथ्यों मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. तलवार दंपति पर
  1. भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा (Section) 302/34 (समान उद्देश्य से हत्या करना)
  2. इसके साथ ही IPC की Section 201, (साक्ष्य को छिपाना)
  3. IPC की Section 203 (फर्जी रिपोर्ट दर्ज करना)
जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई|
  • आरोपियों की पुनः गिरफ़्तारी हुई, जांच हुई, गवाहों के बयान हुए सभी सबूतों और गवाहों को देखते हुए अदालत अपने अंतिम निर्णय तक पहुची |
आरुषि हत्याकांड निर्णय (Aarushi hatyakand result)
इतने संगीन अपराध के लिए न्यायालय ने आरुषि के माता-पिता को भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की मुख्य धारा 302 और अन्य धाराओं के तहद उम्र कैद की सजा और जुर्माना लगाया गया|

तलवार फिल्म कास्ट व गाने की समीक्षा

Talvar film movie samiksha review cast in hindi

तलवार (Talvar) फिल्म की our रेटिंग – 3 स्टार
आरुशी मर्डर केस पर डायरेक्टर मेघना गुलज़ार द्वारा एक फिल्म बनाई गई है, जिसका नाम तलवार (Talvar) है| इस फिल्म में इरफ़ान खान और कोंकण सेन शर्मा द्वारा मुख्य किरदार निभाया जायेगा|
आरुशी तलवार हत्याकांड आप सभी को याद होगा, इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस को महीनों तक न्यूज़ चैनल, पेपर ने अपनी ब्रेकिंग न्यूज़ बनाये रखा| यह हाई प्रोफाइल इस लिए है क्युकी इस केस से जुड़े सभी लोग कहीं ना कहीं बड़े लोगों से संबध रखते है| सन 2008 में 15-16 मई के आस पास आरुशी और उसके घर काम करने वाले नौकर हेमराज की लाश उसके ही घर नोयडा में मिली थी| इस हत्याकांड के कई रूप अब तक सामने आ चुके है, इस पर पहले ‘रहस्य’ फिल्म भी बनी थी, जिसमें हत्याकांड का एक साइड रखा गया था| फिल्म को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए थी| इस बार इस हत्याकांड पर ‘मेघना गुलजार’ ने फिल्म बनाई है, जिसे विशाल भारद्वाज ने लिखा है| फिल्म की एडिटिंग स्क्रीनप्ले का काम विशाल ने किया है, लेकिन निर्देशन की बागडोर मेघना ने संभाली है| फिल्म की कहानी पूरी तरह से इस केस जैसा नहीं बनाया है, इसमें कुछ अंश जोड़े भी गए है| फिल्म में आपको केस से जुड़े सारे कांड दिखाए जायेगें, लेकिन अंत अधूरा है, फिल्म किसी रिजल्ट पे नहीं पहुंची है, ना ही हमारी न्याय प्रणाली पर कोई सवाल उठाये गए है| मेघना ने बड़ी समझदारी के साथ इस फिल्म को दर्शकों के सामने रखा है|
तलवार मूवी से संबंधित अन्य जानकारी –
कलाकारकोंकना सें, इरफ़ान खान, नीरज कावी, सोहम शाह, सुमित गुलाठी,
निर्माताविशाल भारद्वाज, विशाल जैन
निर्देशकमेघना गुलजार
लेखकविशाल भारद्वाज
संगीतविशाल भारद्वाज
रिलीज़ डेट2 अक्टूबर 2015
तलवार मूवी निर्देशक समीक्षा (Talvar Film Director Review)–
डायरेक्टर – मेघना गुलजार
हमारे बॉलीवुड में बहुत ही कम लेडी डायरेक्टर है, जो है उनमें से एक मेघना है| महान लेखक गुलजार जी की बेटी मेघना 8 साल बाद निर्देशन में लौटी है| इससे पहले उन्होंने फिलहाल, जस्ट मैरिड, दस कहानियां में निर्देशन किया था| तलवार फिल्म मेघना के करियर की सबसे बड़ी हिट साबित होगी|
फिल्म में मेघना ने अपनी जान डाल दी है, हर एक्टर चाहे उसका रोल छोटा हो या बड़ा, उनकी क्षमता के अनुसार काम करवाया| कास्टिंग के लिए तो मेघना की तारीफ करनी होगी, इरफ़ान सीबीआई के रूप में बेहतरीन काम किया है, कोंकना, नीरज आरुशी के माँ पिता के रोल में फिट हुए है| मेघना ने फिल्म को आरुशी हत्याकांड से जुड़े होने की बात नहीं मानी है, हालाँकि उन्होंने इंकार भी नहीं किया है| इसको आप पब्लिसिटी स्टंट भी कह सकते है| फिल्म में आरुशी की जगह श्रुति है, व तलवार परिवार की जगह टंडन परिवार ने ले ली है| फिल्म का नाम तलवार, अंत में न्याय की मूर्ति के एक हाथ में तलवार लेने से जोड़ा गया है| लेकिन ये तो जगजाहिर बात है तलवार नाम आरुशी तलवार पर ही रखा गया है|
फिल्म में में विशाल की भी तारीफ करनी होगी, बहुत अच्छा स्क्रीनप्ले किया है उन्होंने| फिल्म अगर विशाल बनाते तो उसका कुछ अलग रूप होता, उनकी फिल्मों में एक रुखापैन होता है| मेघना ने फिल्म में आवश्कता के अनुसार द्रश्य व हाव भाव रखे है, फिल्म में परिवेश भी आवशकता के अनुसार है|
तलवार फिल्म कहानी की समीक्षा (Talvar Film kahani Review)–
फिल्म की कहानी आरुशी हत्याकांड की तरह ही है, 14 साल की श्रुति की लाश उसके कमरे से मिलती है जिसे बहुत बेहरमी से मारा जाता है| मर्डर की FIR उसके माता पिता नूतन व रमेश पुलिस में लिखवाते है| उनको शक है कि उनकी बेटी को उनके नौकर खेमपाल(45) ने मारा है| तहकीकात शुरू होती है और दुसरे दिन खेमपाल की लाश टंडन के घर के छत पर मिलती है| पहले कहा जाता है खेमपल ने मारा है और फिर अपने आप को भी मार देता है, लेकिन जांच के पश्चात् शक के घेरे में श्रुति के माँ बाप आ जाते है| बहुत जांच पड़ताल के बाद भी कुछ परिणाम नहीं निकलता है, और न्यूज़ चैनल वाले हर कोई अपने तरह से इसे दिखाते है| इन सब के बाद केस CDI के पास पहुंचती है, जिसे आश्विन(इरफ़ान) देखते है| फिल्म देखते समय जिस तरह की पुलिस द्वारा जांच बताई गई है आपका देखकर खून खौलने लगेगा|
तलवार फिल्म कलाकारों की समीक्षा (Talvar Film Cast Samiksha)–
इरफ़ान खान इनके लिए शब्द कम पड़ जायेंगे| CDI के मुख्य अधिकारी अश्विन के रूप में इरफ़ान फिट बैठे है| इरफ़ान अपने अलग अंदाज में किसी भी डायलोग को बोलकर उसमें जान डाल देते है| इरफ़ान एक बहुत अच्छे कलाकार है जो अपनी एक्टिंग से सबका दिल जीत रहे है|
कोंकना लम्बे समय बाद बॉलीवुड में वापस आई है| कोंकना भी एक्टिंग की धनी है, स्मिता पाटिल जैसी कलाकार से इनको compare किया जाता है| कोंकना से श्रुति की माँ के रूप में हाव भाव वेशभूषा बिल्कुल साधारण रखा है| एक आरोपी और एक माँ का अच्छा मिश्रण किया है|
नीरज श्रुति के पिता के रूप में जचे है, कही और भी उनमे कोई कमी नहीं दिखी| हर सीन को अच्छे परफेक्ट तरह से किया है|
तलवार फिल्म संगीत समीक्षा (Talvar Film Song Samiksha)–
फिल्म का संगीत विशाल ने ही दिया है, क्राइम ड्रामा फिल्मों में गाने फिल्म की ताल को तोड़ देते है, ऐसी फ़िल्में बिना गाने के ही अच्छी लगती है| विशाल ने इस बात का ध्यान रखा है और 1-2 गानों के अलावा दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक दिया है|
तलवार फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस –
फिल्म का नाम सुनकर ही लोगों में इसे देखने की उत्सुकता है, लेकिन आप किसी परिणाम को जानने के लिए ये फिल्म ना देखें, क्युकी फिल्म में कई साइड है, जैसे जैसे हम देखते है वही सही लगने लगता है और अंत में कुछ भी नहीं समझ आता है| फिल्म की तरह सच्चाई में भी पुलिस अधिकारीयों, सीबीआई वालों ने जांच में इतनी ज्यादा लापरवाही रखी है कि देखकर इंडियन होने पर शर्म आने लगती है| फिल्म में सच्चाई को बहुत अच्छे से दिखाया गया है जो हमारे जहन में एक सवाल खड़ा कर देती है| आप इस फिल्म को सस्पेंस क्राइम का सोच कर देखने जा सकते है|

प्रेम रतन धन पायों फिल्म समीक्षा ट्रेलर

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  00:44
प्रेम रतन धन पायो फिल्म समीक्षा –
our रेटिंग – 3.5 स्टार
राजश्री प्रोडक्शन की भव्य फिल्म प्रेम रतन धन पायो इस दिवाली के मौके पर सबसे सामने तोहफे के रूप में आई है| राजश्री का नाम सुनते ही सम्मलित परिवार, संस्कार, एकता, बड़ी सी शादी, महल याद आ जाते है| राजश्री और सलमान का बहुत पुराना रिश्ता है| सलमान की पहली हिट फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ राजश्री की ही थी| इसके बाद ब्लॉकबस्टर ‘हम आपके है कौन’ ‘हम साथ साथ है’ में भी सलमान से राजश्री के सूरज बडजात्या जी के साथ काम किया|
सलमान और राजश्री की जोड़ी 15 साल बाद वापसी कर रही है और ये पहले जैसी सफलता की ही उम्मीद कर रही है| सलमान ने फिल्म के प्रोमोशन में कोई कसर नहीं छोड़ी, टीवी के हर सीरियल से लेकर देश के बहुत से शहर, में सलमान ने प्रोमोट किया| प्रेम रतन का लोगों पर इस तरह भूत सवार हुआ की सभी बड़ी सेलेब्रिटी ने इसके टाइटल ट्रैक पर अपनी कमर हिलाई और फिर उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया| सलमान ने इस साल की सबसे बड़ी हिट ‘बजरंगी भाईजान’ ईद पर दी थी, ये पहला मौका है जब सलमान साल में 2 फ़िल्में ला रहे है| राजश्री की फिल्मों में सलमान को प्रेम के रूप में पहचान दी| सलमान खुद में इतने हिट है की वो जिस फिल्म में होते है वो सुपर हिट हो जाती है| फिल्म में सलमान के अलावा बड़ी सी स्टार कास्ट है जैसे की राजश्री की फिल्मों में होता आ रहा है|
प्रेम रतन धन पायो मूवी से संबंधित अन्य जानकारी –
कलाकारसलमान खान, सोनम कपूर, अनुपम खेर, स्वरा भास्कर, नील नितिन मुकेश, अरमान मलिक
निर्माताराजश्री प्रोडक्शन
निर्देशकसूरज बडजात्या
लेखकसूरज बडजात्या
संगीतसंजोय चोधरी, हिमेश रेशमिया
रिलीज़ डेट12 नवम्बर 2015
प्रेम रतन धन पायो मूवी निर्देशक समीक्षा –
डायरेक्टर – सूरज बडजात्या
सूरज जी ने लम्बे समय बाद बॉलीवुड फिल्मों में वापसी की है| इसके पहले इन्होंने शाहिद के साथ ‘विवाह’ बनाई थी जो बिना सलमान के भी बहुत हिट हुई थी| सूरज जी पारिवारिक फिल्मों के लिए जाने जाते है, उनकी फिल्मों में 1 थप्पड़ का भी होना बड़ी बात माना जाता है| लेकिन इस बार सूरज जी ने कुछ अलग try किया है| इस बार हम इनकी फिल्म में परिवार के बीच विवाद, षणयंत, थोड़ी बहुत लड़ाई भी देखेंगे| इस बार उनकी फिल्म में प्रेम शर्मीला नहीं है, वो बहुत बोलता है, मजाक करता है, स्मार्ट है| सूरज जी अपनी हर फिल्म में बहुत बारीकी से काम करते है, बड़ा सा सेटअप लगाते है, स्टार कास्ट भी बड़ी होती है| और हर सीन शॉट में सब कुछ बारीकी से देखते है| इस बार सूरज जी ने अपनी हेरोइन के रूप में सोनम कपूर को चुना, जो अपने रोल में फिट नहीं बैठ रही है| सूरज जी की पहले की फिल्मों में हेरोइन को देख कर हम खो से जाते थे लेकिन सोनम वो कमाल दिखा पाने में असफल रही है|

प्रेम रतन धन पायो फिल्म कहानी की समीक्षा –
फिल्म की कहानी शुरू होती है अयोध्या नगरी से, जहाँ प्रेम रतन धन पायो गाना बजता रहता है| जिससे आपको फिल्म का टाइटल क्यों है समझ आ जायेगा| अब फिल्म में प्रेम दिलवाला (सलमान खान) आता है जो राम भक्त है| प्रेम को राजकुमारी मैथली पसंद है, पहली ही मुलाकात में राजकुमारी के हाथों प्रेम को थप्पड़ पड़ जाता है| प्रेम का एक बहुत अच्छा दोस्त है कन्हैया जो उसके सरे राज जानता है| प्रेम को पता चलता है मैथली पास के गावं प्रिथामपुरा जा रही है सो वो उससे मिलने के लिए वहा चला जाता है| यहाँ होते है युवराज विजय सिंह (सलमान खान) जिनसे मैथली की शादी होने वाली होती है| युवराज बहुत कम बोलते है व उन्हें जल्दी गुस्सा आता है| इनके परिवार में भाई बहनों के बीच जमीन जायदाद को लेकर झगड़े होते रहते है| युवराज का एक भाई अजय सिंह (नील नितिन) व 2 बहन चन्द्रिका (स्वरा), राधिका है|
अजय अपने भाई विजय को मारने के लिए एक्सीडेंट प्लान करता है| युवराज को चोटें आती है,  जिन्हें वहां के दीवान साहब (अनुपम खेर) देखते है जो बहुत वफादार है| युवराज विजय को बचाने के लिए दीवान साहब प्रेम को सबके सामने युवराज की तरह लाते है| क्या प्रेम विजय की सारी परेशानी दूर कर देगा, मैथली किसकी होगी? इसके लिए आपको सिनेमाघर का रुख करना होगा|
फिल्म की कहानी थोड़ी पुरानी टाइप की है रजवाड़े वाला लुक है| लेकिन बहुत समय बाद ऐसी कोई फिल्म है| पूरी फिल्म को परिवार के साथ एन्जॉय करेंगें| फिल्म की कहानी अच्छी है, जिन्होंने पहले राजश्री की फ़िल्में देखी है वे आसानी से आगे कहानी का अनुमान लगा लेंगे| फिल्म अच्छी चल रही होती है लेकिन कुछ जगह कुछ ज्यादा ही मेलोड्रामा डाल दिया गया है| जैसे हम आपके कौन में परिवार को एकत्र करने के लिए क्रिकेट खेला जाता है यहाँ फुटबॉल का खेल है| सूरज जी की पुराणी फिल्मों की तरह इसमें शुद्ध हिंदी नहीं है, आज की कॉमन भाषा का उपयोग है जिसे हिंगलिश भी कहते है| शुरुवात में तो थोडा अजीब लगता है क्यूंकि राजश्री की फिल्मों में ऐसा कभी देखने को नहीं मिला था, लेकिन धीरे धीरे दर्शक कहानी में घूम जाते है और ये बात भूल जाते है| सूरज जी की कहानी रियल नहीं लग रही क्यूंकि डबल रोल वाली कहानी काल्पनिक ही होती है| फिल्म का क्लाइमेक्स आपको निराश कर सकता है क्युकी हम पहले से जानते है क्या होने वाला है| थोड़े और रोचक ढंग से इसे प्रस्तुत करना चाहिए था|
 प्रेम रतन धन पायो फिल्म कलाकारों की समीक्षा –
सलमान खान के प्रशंशको के लिए ये सलमान की तरफ से दिवाली का तौहफा है| सलमान प्रेम व विजय दोनों के किरदार में बहुत फिट रहे है| एक्टिंग, इमोशन सब जगह सलमान ने हमें खुश किया है|
अपने इस किरदार में, सोनम बिल्कुल में फिट नहीं रही है| सोनम को राजश्री की पहले की हेरोइन के साथ compare करना भी एक गुनाह से कम नहीं होगा| राजश्री की हेरोइन में जो एक चार्म दीखता है वो सोनम में missing था| इमोशनल सीन में भी डायलोग बोलते समय सोनम बहुत गन्दी लगी है| सलमान जैसे दिग्गज कलाकार के साथ इनका कोई मेल ही नहीं, दोनों के एक साथ वाले सीन में भी सोनम उनसे बहुत कमतर नजर आई है|\
नील को जितना काम मिला उन्होंने बखूबी निभाया| फिल्म में उनको देखने बाद कोई भी उन्हें बुरा एक्टर नहीं कहेगा| लेकिन नील को अपना हुनर दिखाने का ज्यादा मौका नहीं मिला| सूरज जी को इनका करैक्टर थोडा और बढ़ाना था|
अरमान फिल्म के विलेन के रूप में फनी लग रहे है, उनका look डायलोग सब कुछ फनी था| फिल्म में अपनी मौजूदगी से वे कितने खुश है ये उनके चेहरे पे साफ़ दिख रहा है|
अनुपम खेर दीवान साहब के रूप में परफेक्ट है| बहुत लम्बे समय के बाद अनुपम जी की मस्त एक्टिंग देखने को मिली है|
स्वरा भास्कर का रोल छोटा था लेकिन उतने में ही उन्होंने फिल्म में अपनी छाप छोड़ दी है| वे एक बेहतरीन अदाकारा है|
प्रेम रतन धन पायो फिल्म संगीत समीक्षा –
म्यूजिक के मामले में दर्शक सूरज जी से ज्यादा एक्स्पेक्ट कर रहे थे, क्यूंकि उनकी फिल्मों में बहुत से गाने होते है और सबका अपना चार्म होता है| लेकिन इस बार उन्होंने थोडा निराश किया है, कुछ 1-2 गानों के अलावा सब meaningless है जो कुछ दिन के मेहमान है फिर इन्हें कोई याद भी नहीं करेगा|
प्रेम रतन धन पायो फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस –
फुल फॅमिली ड्रामा फिल्म है जो दिवाली के मौके पर अपने परिवार के साथ देखना एक treat से कम नहीं| राजश्री फिल्मों व सलमान के फैन इसे जरुर देखें| आप परिवार वैल्यूज एकता सब एन्जॉय करेंगें| फिल्म आल टाइम ब्लॉकबस्टर तो नहीं है, लेकिन सलमान खान की फिल्म है तो ऐसे तो नहीं निकलेगी सिनेमाघर से, 300-400 cr तो सलमान की फिल्मों के लिए आम बात है| आप भी इन छुट्टियों में अपने परिवार के साथ प्रेम रतन धन पायो को एन्जॉय करें और अपने रिव्यु शेयर करें|

Prem Ratan Dhan Payo PRDP Trailer

प्रेम रतन धन पायों फिल्म ट्रेलर एवम समीक्षा के साथ करे अपनी पुरानी यादे ताजा |प्रेम रतन धन पायों के साथ सलमान खान ने फिल्म इंडस्ट्री में वापस अपनी पुरानी इमोशनल सॉफ्ट हीरो वाली एंट्री ली हैं | सूरज बडजात्या की इस फिल्म में सोनम कपूर,स्वरा भास्कर और नील नितिन मुकेश भी दिखाई देंगे |
फिल्म का का ट्रेलर लॉन्च किया गया हैं जिसे देख कर हर कोई संजय लीला भंसाली की फिल्म हम दिल दे चुके सनम को याद कर रहा हैं | ग्रैंड स्टारर फिल्म हम दिल दे चुके सनम की कहानी और केमेस्ट्री को आज भी लोग याद करते हैं | ऐसे में अभी बॉलीवुड गलियारा फिर से सलमान और एश्वर्या की बाते करने लगा हैं | कई पुराने किस्से सोशल मीडिया पर स्क्रॉल होते दिखाई दे रहे हैं |किसी इंटरव्यू में सलमान खान से एश्वर्या राय बच्चन को बिग बॉस में अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए बुलाने की बात भी पूछी गई जिसे हमारे दबंगी सलमान ने अपने स्टाइल में हैंडल कर लिया | ऐसे कई विवादित किस्से जिन पर धुल चढ़ चुकी थी फिर से सभी की जुबान पर हैं |इसके साथ ही अभी एश्वर्या भी बॉलीवुड में अपना कम बेक कर रही हैं |इस कारण भी गॉसिपिंग का दौर फिर से गरमा गया हैं |

सलमान खान बड़े लंबे समय से दबंदी रोल कर रहे हैं | इसके बाद सलमान बजरंगी भाईजान के रूप में दिखाई दिये लेकिन कहीं न कहीं उनकी प्रेम वाली छवि को दर्शक बहुत याद करने लगे थे | ऐसे में प्रेम रतन धन पायो में उनकी प्रेम वाली एंट्री दर्शको को इस ओर काफी आकृषित कर रही हैं |
इस फिल्म के साथ नील नितिन मुकेश भी बॉलीवुड में फिर से अपनी एंट्री कर रहे हैं | लम्बे समय से नील भी बॉलीवुड से नदारत हैं |अब PRDP में विलेन के रोल में दिखाई देंगे | फिल्म में बिगबॉस फेमस नेम अरमान कोहली भी नजर आयेंगे |
प्रेम रतन धन पायो के पोस्टर को देखने के बाद ही लोगो को राजश्री प्रोडक्शन का रोमांस याद आ गया | जब सलमान अपने प्रेम के किरदार में लड़कियों का दिल जीत लेते थे | उनका वो जादू आज भी बरक़रार हैं लेकिन उस तरह की फिल्म वापस सिनेमाघरों में आने के बाद क्या रिजल्ट देती हैं ये तो फिल्म के आने के बाद ही पता चलेगा |आज के टाइम में दर्शको का टेस्ट काफी बदल गया हैं | आज कल लव बेस्ड लव स्टोरी मूवी की जगह दर्शक कॉमेडी, साउथ थ्रिलर मूवी या सोशल इश्यूज पर बनी भारी मूवी देखना ज्यादा पसंद करने लगे हैं |
1st अक्टूबर 2015 को  PRDP का ट्रेलर आने के बाद दर्शक काफी उत्साहित हैं | वे अपने दबंगी सलमान को वापस प्रेम वाले रूप में देखना चाहते हैं | बड़े दिनों बाद फिर से सूरज बडजात्या की लव स्टोरी सिनेमाघरों में आने वाली हैं |


यह फिल्म दिवाली का गिफ्ट लेकर सिनेमाघरों में आने वाली हैं | आप सभी प्रेम की इस पुरानी छवि को 12 नवंबर को अपने नजदीकी सिनेमाघरों में देख सकते हैं | देश के सबसे बड़े फेस्टिवल के टाइम पर यह फॅमिली मूवी दर्शकों के लिए बॉलीवुड का सबसे बेस्ट गिफ्ट साबित होने वाला हैं |
Prem Ratan Dhan Payo PRDP Trailer Sameeksha Review के बारे में आप क्या कहते हैं कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे |

कैलेंडर गर्ल्स मूवी सोंग व कास्ट समीक्षा

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  00:11

कैलेंडर गर्ल्स (calendar girls) our रेटिंग – 1.5 स्टार

मधुर भंडारकर जैसे बड़े फ़िल्मकार ने इस बार भी एक फैशन का विषय चुना है, लेकिन इस बार वे सब नए चेहरे लेकर आये है| फिल्म में कोई भी जाना पहचाना चेहरा नहीं है| फैशन की फिल्म की तरह इसमें भी न्यू कमर को कितनी मेहनत करनी पढ़ती है यही सब इसमें भी दिखाया गया है, कैसे वो उस मुकाम तक पहुँचती है और फिर सफलता को हजम नहीं कर पाती और गलत राह पकड़ लेती है| विषय तो पुराना है लेकिन नए तड़के के साथ प्रस्तुत किया गया है|


कैलेंडर गर्ल्स मूवी सोंग व कास्ट समीक्षा
calendar girls movie film song cast samiksha review in hindi


कैलेंडर गर्ल्स मूवी से संबंधित अन्य जानकारी (Calendar Girls Movie Cast Detail) –
कलाकाररूही सिंह, सतपुरा पीने, आकांशा पूरी, क्यारा दत्त, अवनि मोदी, सुहेल सेठ
निर्मातासंगीता अहीर, भंडारकर एंटरटेनमेंट
निर्देशकमधुर भंडारकर
लेखकमधुर भंडारकर
संगीतअमाल मालिक, मीत brothers
रिलीज़ डेट25 सितम्बर 2015

कैलेंडर गर्ल्स मूवी निर्देशक समीक्षा (Calendar Girls Film Director Review)–
डायरेक्टर – मधुर भंडारकर
चांदनी बार, life in metro, कॉर्पोरेट, फैशन, हेरोइन जैसी बड़े बजट व हिट फिल्म देने वाले मधुर की यह सबसे फ्लॉप फिल्म साबित हुई| इतने बड़े फ़िल्मकार से ऐसी फिल्म की उपेक्षा हम नहीं करते है| मधुर ने फिल्म में कास्टिंग को लेकर सबसे गलत निर्णय लिया है, ऐसे नए चेहरे लाये है जिन्हें बीएस बिकनी पहनना आता है, एक्टिंग से तो दूर दूर तक का वास्ता नहीं है| डायलोग बोलते समय लिप्स से सिंक्रोनाइज भी नहीं हो रहा था| मधुर ने अपनी stardum को गवां दिया|
कैलेंडर गर्ल्स फिल्म कहानी की समीक्षा (Calendar Girls Film Samiksha )–
फिल्म की शुरुआत होती है, जिसमें 5 कैलेंडर गर्ल्स की खोज चलती रहती है| 5 लड़कियों को दिखाया जाता है जहाँ वो अलग अलग जगह व फॅमिली से होती है| ये पांच कैलेंडर में लांच हो जाती है और फिर स्टोरी में उनके यही फेम को दिखाया गया है कि कैसे ये बदलाव उनकी ज़िन्दगी बदल देता है| पांचो लड़कियों की अपनी अलग सोच है कोई अमीर है तो कोई नार्मल काम करने वाली है| इसमें से एक पाकिस्तान की भी होती है| एक्स्ट्रा मेकअप, शोर्ट ड्रेस, चीप डायलोग बस यही सब है फिल्म में जो डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने दिखाया है|
आधी फिल्म में तो हमें लग रहा था, मधुर भंडारकर अपनी पिछली फिल्म की कॉपी चला रहे है, और दुसरे हाफ में समझ ही नहीं आता चल क्या रहा है| मधुर की so called रीयलिस्टिक फिल्म का ये रूप बिल्कुल अच्छा नहीं लगा|
कैलेंडर गर्ल्स फिल्म कलाकारों की समीक्षा (Calendar Girls Film Cast Review)–
फिल्म की पांचो लडकियों में से कोई ऐसी नहीं जिसकी तारीफ की जाये, आकांशा, अवनि, क्यारा, रूही व सतपुरा सबने कोई खास काम नहीं किया है| देख कर हम ये नहीं बोल सकते कि ये कल एक बड़ी स्टार बनेंगी|
रोहित रॉय फिल्म में फोटोग्राफ़र बने है जिनका छोटा सा रोल है|
सुहेल सेठ विजय माल्या के role में फिट बैठे है, लेकिन ज्यादा काम उन्हें दिया ही नहीं गया|
कैलेंडर गर्ल्स फिल्म फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस (Calendar Girls Overall Performance)–
फिल्म एक्टिंग, स्टोरी, संगीत, डायरेक्शन किसी भी रूप में अच्छी नहीं है, कोई भी एक ऐसा पार्ट नहीं है, जो बोला जाये कि देखा जा सकता है| इस type की फ़िल्में कब आकर चली जाती है पता भी नहीं चलता है| 1 हफ्ते भी अगर ये सिनेमाघर में टिक जाये तो बहुत बड़ी बात है|

किस किस को प्यार करूँ फिल्म समीक्षा एवम कास्ट

by Amar Ujala Now  |  in मूवी रिव्यु at  00:07
किस किस को प्यार करूँ (Kis kisko pyaar karoon) our रेटिंग – 2 स्टार
टीवी जगत के कॉमेडी किंग या बादशाह कपिल शर्मा बॉलीवुड में अपना कदम रख चुके है| बॉलीवुड में कपिल की यह पहली फिल्म है, बकरीद के मौके पर इसे रिलीज़ किया गया है| अब्बास मस्तान द्वारा निर्देशित फिल्म कॉमेडी फिल्म है, पहली बार अब्बास मस्तान ने कॉमेडी में अपना हाथ अजमाया है|

किस किस को प्यार करूँ फिल्म कास्ट व गाने  की समीक्षा

kis kisko pyaar karoon film movie Samiksha review cast in hindi

कॉमेडी नाईट विद कपिल (comedy nights with Kapil) के द्वारा बहुचर्चित होने वाले कपिल हर बॉलीवुड स्टार के फेवरेट है, कोई भी ऐसा बॉलीवुड, खेल जगत या फेमस हस्ती नहीं है जिसने कपिल के घर में कदम ना रखा हो| कपिल की स्टैंड उप कॉमेडी तो हम सबने देखी है, पहली बार उन्हें एक्टिंग करते देखना भी दिलचस्प है|
किस किस को प्यार करूँ मूवी से संबंधित अन्य जानकारी (Kis Kisko Pyaar Karoon Movie Cast Information)–
कलाकारकपिल शर्मा, एली अबराम, मंजरी फडनिस, सिमरन कौर मुंडी, वरुण शर्मा, शरत शर्मा, सुप्रिया पाठक, जैमी लीवर, अरबाज खान
निर्माताराव हसनैन, गणेश जैन, रतन जैन
निर्देशकअब्बास – मस्तान
लेखकअनुकल्प गोस्वामी
संगीततनिष बागची, जावेद मोहसिन, अमजद – नदीम
रिलीज़ डेट25 सितम्बर 2015
किस किस को प्यार करूँ मूवी निर्देशक समीक्षा (Kis Kisko Pyaar Karoon Film Director Review)–
डायरेक्टर – अब्बास-मस्तान
अब्बास मस्तान की जोड़ी थ्रिलर, एक्शन, सस्पेंन्स फिल्मों के लिए फेमस है, पहली बार इन्होंने कॉमेडी बनाई और कहना गलत नहीं होगा कि इसमें वे फ़ैल हुए| फिल्म में ऐसा लग रहा है कि यह कपिल को प्रमोट करने के लिए बनाई गई है, कपिल को आज देश का हर बच्चा बच्चा जानता है, हर कोई उसकी कॉमेडी का दीवाना है| इसी फैन following को डायरेक्टर ने अपनी फिल्म में पैसा कमाने के लिए उपयोग किया है| लेकिन डायरेक्टर कपिल की कॉमेडी का तड़का रोमांस व ड्रामा में नहीं डाल पाए है| स्टैंड उप कॉमेडी और फिल्म में कॉमेडी करने में बहुत अंतर होता है| फिल्म में किसी किरदार में घुसकर कॉमेडी करनी होती है, उसी की तरह हाव भाव देना होता है जो हर किसी के बस की बात नहीं| फिल्म की कहानी पूरी तरह से हवा में है, रियलिटी से कोई लेना देना नहीं है| कॉमेडियन से कॉमेडी करवाना भी हर किसी के बस की बात नहीं, ऐसा अब्बास मस्तान ने इस फिल्म के द्वारा प्रूफ कर दिया है|
किस किस से प्यार करूँ फिल्म कहानी की समीक्षा (Kis Kisko Pyaar Karoon Film Samiksha)–
फिल्म में मुख्य किरदार शिव राम किशन उर्फ़ SRK (कपिल शर्मा) का है जो अच्छा पैसे वाला है| वह अपनी माँ की सीख पर चलता है कि कभी किसी लड़की का दिल मत तोड़ना , और इसके चलते दुर्घटनावश उसकी 3 शादियाँ हो जाती है| फिल्म की शुरुआत में ही हमें इसका पता चल जाता है जो पचाना थोड़ा मुश्किल होता है| 3 पत्नियों की भूमिका में सिमरन (सिमरन कौन मुंडी), जूही (मंजरी फडनिस) और अंजलि (साईं लोकरु) है| इन पत्नियों के अलावा शिव की एक गर्लफ्रेंड भी है दीपिका (एली अवरम)| तीनों पत्नियों व गर्लफ्रेंड के बीच सामंजस्य बनाने के लिए कुमार का वकील दोस्त करण (वरुण) मदद करता है|
करन की मदद से कुमार को एक ही बिल्डिंग के चोथे, छठवें व आठवें माले पर घर मिल जाता है, जहाँ वो अपनी पत्नियों को रखता है| आप लोग यह सोचने में अपना दिमाग खर्च ना करें कि एक बिल्डिंग में रहते हुए भी इनकी पत्नियाँ कभी नहीं जान पाती की उनका पति एक ही है| ये सब सोचना बेकार है| 3 शादी जो कुमार की जिंदगी में धोखे से होती है, वो खुश नहीं होता है और अपनी गर्लफ्रेंड दीपिका से शादी की प्लानिंग करता है| कैसे कुमार दीपिका से शादी करेगा, क्या होगा स्टोरी में ये जानने के लिए फिल्म देखना होगा|
किस किस को प्यार करूँ फिल्म एक तरह से नों एंट्री, साजन चले ससुराल, गरम मसाला और भी जो ऐसी शादी पर बनी फ़िल्में है, इन सब की खिचड़ी है| जैसे फिल्म की शुरुआत में आजकल लिखा आता है, धूम्रपान स्वास्थ के लिए हानिकारक है, वैसे ही इस फिल्म में लिखा जाना चाइये ‘अपना दिमाग अपने घर पर रख कर आयें’| अगर आप फिल्म में अपने लॉजिक लगायेंगे तो आप पहले 15 min में ही हॉल छोडकर बाहर आ जायेंगे| फिल्म में पत्नी अपने पति को नहीं पहचान पाती क्यूंकि उसके मुहं में केक लगा हुआ होता है, ऐसा भी कही होता है क्या? रब ने बना दी जोड़ी की तरह मूछ लगा दी तो पति पहचान में ही नहीं आता| लेखक दर्शक को बेवकूफ समझकर ही फिल्म लिखते है| दिमाग से ना सोचें तो आपको थोड़ी बहुत हंसी आ सकती है|
किस किस को प्यार करूँ फिल्म कलाकारों की समीक्षा (Kis Kisko Pyaar Karoon Film Cast Review)–
कपिल शर्मा फिल्म में पहली बार एक्टिंग कर रहे है, लेकिन उनके किरदार से एक्टिंग बहुत दूर है| कपिल अभी इस लायक नहीं हुए कि फिल्म में मुख्य हीरो का भार उन पर डाला जाये और यह फिल्म में साफ देखा जा सकता है| कपिल ने कोशिश अच्छी की है लेकिन अभी सफल नहीं हुए है| उन्होंने डांस में भी try किया लेकिन अभी और मेहनत की जरुरत है| 4 लड़किओं के साथ रोमांस करते हुए भी एक के साथ भी वे कम्फर्ट नहीं दिखे|
4 लड़कियों में से किसी ने भी फिल्म में इम्प्रेस नहीं किया| एली की यह दूसरी फिल्म में है, लेकिन इन्हें देख कर अब यही कहा जा सकता है कि ये फिल्मों के लिए नहीं बनी है इनको कोई और काम ढूँढना चाहिए|
वरुण व अरवाज ने अच्छा काम किया है, इनके हर एक सीन में आप पेट पकड़ के हसेंगे|
किस किस को प्यार करूँ फिल्म संगीत समीक्षा (Kis Kisko Pyaar Karoon Songs Review) –
ऐसी कॉमेडी फिल्मों में हम अच्छे संगीत की उपेक्षा नहीं कर सकते है| फिल्म का एक भी गाना सुनने या देखने लायक नहीं है|
किस किस को प्यार करूँ फिल्म ओवरआल परफॉरमेंस (Kis Kisko Pyaar Karoon Overall Performance)–
कपिल शर्मा के फैन ये फिल्म देख सकते है उनको कपिल की कॉमेडी ज्यादा देखने मिलेगी, लेकिन जो मीनिंगफुल सिनेमा देखना पसंद करते है उनके लिए यह एक डिजास्टर से कम नहीं है| आप इसे देखते हुए अपने बाल नोंच लेंगे तो इसे देखने जाने की गलती ना करें| फिल्म का पहला भाग तो किसी तरह निकल जाता है लेकिन दुसरे भाग में फिल्म पूरी कंफ्यूज है कुछ भी क्लियर नहीं है| फिल्म का अंत भी कपिल की एक लम्बी स्पीच के बाद ख़त्म होता है| तो ये पूरी तरह से आपके उपर है कि आप इसे देखने जाना चाहते है या नहीं|

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